9 बार फेल होने के बाद भी इस शख्श ने खड़ी की 1.5 लाख करोड़ की कंपनी

Vedanta Limited Success Story : सफलता प्राप्त करने वाले ऐसे ही एक बिजनेसमैन के बारें में यह कहानी सभी लोगों के लिए प्रेरणा देने वाली है. जितना ज्‍यादा कठिन होगा सफलता का यह सफर, उतनी ही ज्यादा कहानी भी प्रेरणा देने जैसी होती है. इसी तरह से हमारे इस भारतीय उद्योग में एक ऐसा ही नाम जुड़ा हुआ है, जिसके लिए सफलता का यह सफर बिलकुल भी आसान नहीं रहा है. बिजनेस के क्षेत्र में यह एक ऐसा इंसान है जो सिर्फ एक-दो बार ही नहीं बल्कि पूरे 9 बार फेल हो चुका है. इससे उसका मानसिक तनाव काफी ज़्यादा बढ़ा था कि उन्‍हें यह अवसाद भी झेल लेना पड़ा था, मगर उसने बिलकुल भी हार मानने की कोशिश नहीं की. और इसी के चलते हुए वह इंसान आज के समय में 1.5 लाख करोड़ रुपयों की बड़ी कंपनी भी संभाल रहा हैं. सिर्फ उतना ही नहीं, बल्कि बिजनेस क्षेत्र के स्‍टूडेंटस को संबोधित करने के लिए उन्‍हें ख़ास इंग्‍लैंड की यह कैंब्रिज यूनिवर्सिटी ने भी आमंत्रित किया था.

Vedanta Limited Success Story

हम दरअसल आप सभी को वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड ( Vedanta Limited ) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ( Anil Agarwal ) इनके बिज़नेस के क्षेत्र की सफलता के बारे में बात कर रहे हैं. अब हाल में कुछ ही समय पहले ‘सपनों का पीछा कैसे करें’ यह एक महत्वपूर्ण विषय पर उन्‍हें कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के स्‍टूडेंटस को संबोधित करने के लिए भी आमंत्रित किया गया था. अनिल अग्रवाल पटना शहर में एक मारवाड़ी परिवार में पैदा हुए थे और उनको अपने इस बिजनेस को बड़ा बनाने का सपना शुरूआत से सोच के रखा हुआ था. उन्‍होंने मात्र सिर्फ 19 साल की उम्र में ही अपने पिता के बिजनेस को छोड़कर मुंबई को रवाना हुए और इसके बाद उन्होंने अपने लिए कुछ नए अवसरओं की तलाश करने लगे.

‘कबाड़ी’ का काम कब शुरू किया था :

पूरी दुनियाभर में आज माइनिंग टाइकून के रूप में अपना काफी बड़ा नाम कमा चुके अनिल अग्रवाल ने कबाड़ खरीदना (स्‍क्रैप डीलर) यह 1970 के साल में शुरआत की थी. मात्र केवल 20 से 30 साल की ही उम्र में मैंने बहुत ज्यादा से ज्यादा कठिन संघर्ष किया था, ऐसा इन्होने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में स्‍टूडेंटस को अपने इस संगर्ष के बारे में बताया था. मेरे इसी कठिन संगर्ष के दौरान मैं अपने बिजनेस में 9 बार फेल होने के बाद मुझे पहली बार यह सफलता मिली. जैसे ही मुझे पहली बार सफलता मिली, उसके बाद मैंने बिलकुल भी पीछे मुड़कर देखा नहीं और फिर नए-नए रास्‍ते मैं अपने लिए बनाता गया.

टि्वटर पर कौनसे अनुभव शेयर किए :

बिजनेस के दौरान इससे जुड़े हुए कुछ अनुभवों को अनिल अग्रवाल ने अपने टि्वटर हैंडल पर भी शेयर किए हुए है. टि्वटर हैंडल पर उन्‍होंने यह लिखा था की – ‘कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के स्‍टूडेंटस को संबोधित करने के लिए एक ऐसे व्‍यक्ति को आमंत्रित किया गया था जो अपनी ज़िंदगी में आजतक कभी कॉलेज ही नहीं गया हुआ था. और उन्होंने यह भी बताया था कि सपनों को हकीकत में बदलने के लिए बिलकुल भी असंभव नहीं होता.’

आज हजारों करोड़ का मालिक कैसे बना :

सोशल मीडिया पर भी अनिल अग्रवाल को फॉलो करने वाले बहुत सारे लगों की संख्या है. कई सारे लोगों ने उनके इस मोटिवेशनल पोस्‍ट को काफी ज्यादा पसंद भी किया हैं. करीब करीब 1.63 लाख फॉलोअर्स की संख्या उनके टि्वटर पर हो चुकी हैं. आज 16 हजार करोड़ रुपये की उनकी नेट वर्थ इनकम है, ऐसा फोर्ब्‍स के अनुसार पता चला है. एक और बात अगर देखी जाए तो सिर्फ 32 हजार करोड़ रुपये तक की कुल नेट वर्थ इनकम उनके परिवार की है. उनका यह वेदांता ग्रुप आज के समय में भी 1,48,729 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका हुआ है.

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