प्यार की खातिर अपने करियर को दांव पर न लगाएं

प्यार की खातिर अपने करियर को दांव पर लगाने वाले युवक-युवतियां भूल जाते हैं की प्यार करने के लिए तो सारी जिंदगी है, पर एक बार करियर छूट गया तो उसे संवारना बड़ा मुश्किल है. यदि आप विवेक से काम लें तो अपने बढ़ते कदम रोक सकती हैं.

१) जब कोई युवक या युवती प्यार के चक्कर में पड़ता है तो उसके सामने दो विकल्प रहते हैं. एक तो यह की वे अपने प्यार को परवान चढ़ने पर ध्यान दें या फिर अपने करियर पर ध्यान दें.माना आप वयस्क है, आपको प्यार करने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके लिए कितनी बड़ी कीमत चूका रहे हैं.जरा इस बात पर भी गौर फरमाइए.

प्यार में पड़कर अपना करियर बर्बाद करने वाले युवक-युवतियां शायद नहीं जानते की उनके इस आचरण से उनके परिजनों का कितन दिल दुखेगा.अपने बच्चों का करियर बनाने के लिए की गई जद्दोजहद व्यर्थ होते देख उन्हें कैसा महसूस होगा? उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता देख उन्हें कितनी ठेस पहुंचेगी.

प्यार की खातिर अपने करियर को दांव पर न लगाएं
प्यार की खातिर अपने करियर को दांव पर न लगाएं

२) जीवन में हर कार्य का एक समय होता है और उसे तब ही करने में भलाई जब आप कॉलेज में एडमिशन लेते हैं तो आपका लक्ष्य करियर बनाना होना चाहिए. आपस में दोस्त होना बुरा नहीं है, लेकिन दोस्ती और प्यार की बिच एक सीमा रेखा है जिसका ध्यान रखा जाना चाहिए. जो युवक-युवतियां पढाई के दौरान प्यार में पड़ जाते हैं वे अपना करियर समाप्त कर लेते हैं, क्योंकि दोनों का ही ध्यान पढ़ाई से उचट जाता है.

३) ऐसे युवक-युवतियों को चाहिए की वे पहले अपने करियर पर ध्यान दें.एक बार आप अपनी मंजिल हासिल कर लें,उसके बाद प्यार करें तो वे अपने प्यार को भी समय दे पाएंगे व उसके साथ न्याय कर सकेंगे. करियर की ओर ध्यान नहीं देने से अच्छी नौकरी नहीं मिलेगी व आय का कोई साधन नहीं रहेगा. रोजी -रोटी और गृहस्थी के लिए अच्छा करियर होना बहुत जरुरी है अन्यथा प्रेम-विवाह का हश्र बहुत बुरा होता है.

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