यहां तो गिद्धों दों को खिला दिया जाता है शव

अंतिम संस्कार की अजीबोगरीब परंपराएं

यहां तो गिद्धों दों को खिला दिया जाता है शव : हजारों सालों से चली आ रहीं परंपराएं

हिंदू धर्म में मौत के बाद इंसान को जलाने की परंपरा है और दफना ने की भी, जबकि मुस्लिम धर्म में शवों को दफना दिया जाता है, लेकिन क्या कभी आपने ऐसी किसी परंपरा के बारे में सुना है जिसमें शवों को गिद्धों को खिला दिया जाता हो. ये एक ऐसा रिवाज है जो आज भी समाज में प्रचलन में है. एक ऐसी जगह है जिधर शवों को गिद्धों को खिला दिया जाता हो.

फिलीपींस में कई जगहों पर इंसान की मौत के बाद उनके शवों को ताबूत में रखकर ऊंचे चट्टानों पर लटका दिया जाता है. इससे मृतक की आत्म सीधे स्वर्ग में पहुंच जाती है ऐसा माना जाता है. इंडोनेशिया के बाली में मृतक को जीवित की तरह माना जाता है. कहा जाता है कि वह अभी सो रहा है. यहां इंसान की मौत पर आंसू बहाने की भी मनाही है.

यहां तो गिद्धों दों को खिला दिया जाता है शव
यहां तो गिद्धों दों को खिला दिया जाता है शव

दक्षिणी मैक्सिको के मायन में अधिकतर वर्गों में मृत व्यक्ति को घर में ही दफन करने की परंपरा है. ऐसा करने से माना जाता है कि इस तरह से उनका प्रिय उनके करीब ही रहता है. हालांकि इसकी एक वजह गरीबी भी है ऐसा कहा जाता है. क्योंकि उनके पास इतने पैसे नहीं होते हैं कि वो मृतक का अंतिम संस्कार कर सकें, इसलिए वो घर में ही गड्ढा खोदकर मृतक को दफना देते हैं ऐसा कहा जाता है.

वियतनाम में कई जगहों पर यह परंपरा है कि इंसान की मौत के बाद उसका बेटा या बेटी उसके सारे कपड़े उतारता है और उन्हें हवा में लहराता है. इसके बाद मृतक की आत्मा को पुकारा जाता है, ताकि वो फिर से मृतक के शरीर में प्रवेश कर सके, ऐसा वहा रहने वाले लोग कहते है.

तिब्बत के बौद्ध समुदाय में ये परंपरा है कि इंसान की मौत के बाद उसके शव के छोटे-छोटे टुकड़े कर उन्हें गिद्धों को खिला दिया जाता है. ऐसा उधर रहने वाले लोग कहते है. यहां यह परंपरा हजारों सालों से चली आ रही है, जिसे नियिंगमा परंपरा कहा जाता है. ऐसा करने के पीछे मान्यता है कि मृत व्यक्ति के शव को अगर गिद्ध खाएं तो उनकी उड़ान के साथ उस व्यक्ति की आत्मा भी स्वर्ग में पहुंच जाती है.

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