जरुरी है प्रतिदिन पर्यात्प नींद वरना हो जाएंगे बीमार !

डॉक्टरों का कहना है कि नींद की कमी कई बिमारियों का कारण होती है और छरहरी काया के शौकीनों का वजन भी इसकी वजह से बढ़ सकता है.सोने से व्यक्ति कम से कम अपनी सेहत खोने से बच जाता है. दिन -भर तरोताजा रखने वाली यह नींद न केवल कई बिमारियों को दूर भगाती है, बल्कि वजन को भी नियंत्रित रखने में मददगार साबित होती है.

कई समस्याओं का कारण: महानगरों के लोगों में तनाव बढ़ने का एक अहम् कारण उनका पर्याप्त नींद न ले पाना है. नींद पूरी न होने के कारण कई तरह की समस्याएं उत्पन्न होती हैं. शरीर की विभिन्न क्रियाओं का समय अलग-अलग होता है.

कुछ क्रियाएं रात को होती हैं और उनके लिए नींद जरुरी होती है. इन क्रियाओं में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोनों का स्टार कम होना भी शामिल है और इसमें नींद की खास भूमिका होती है. तनावग्रस्त करने वाले हार्मोन का स्तर कम होने से व्यक्ति शांत और सामान्य महसूस करता है.

नींद न आने के कारण

१) नींद नहीं आने के कई कारण है,जिनमें तनाव सबसे पहले है. तनाव की स्थिति में कई ऐसे हार्मोन उत्पन्न होते हैं, जो शरीर की विभिन्न क्रियाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं.इससे चयापचय प्रणाली और जैविक चक्र प्रभावित होता है और नींद नहीं आती.

२) एनोरेक्सिया नर्वोसा अनिद्रा का वह कारण है, जिससे बहुत कम लोग प्रभावित होते हैं, लेकिन इन दिनों डाइटिंग के बढ़ते चलन की वजह से यह अत्यंत महत्वपूर्ण भी है. शरीर की आहार की जरुरत पूरी न होने पर यह बीमारी होती है.

इसके प्रभावितों को शरीर तथा मस्तिक के सामन्य कामकाज के लिए जरुरी कैलोरी की कमी हो जाती है.ऐसे लोगों को बहुत जल्दी थकान हो जारी है और नींद नहीं आती.

३) कई बार कोई भयावह यादें अवचेतन में जड़ें जमा चुकी होती हैं,जिनकी वजह से भी नींद नहीं आती. कारन कोई भी हो, नींद अच्छी सेहत के लिए बहुत जरुरी है. नींद पूरी न होने से पाचन और तंत्रिका तंत्र सुचारु तौर पर काम नहीं करता, जो लोग पर्याप्त नींद नहीं लेते, उनका शरीर बाहरी तौर पर फूलता हुआ सा दीखता है.

जरुरी है प्रतिदिन पर्यात्प नींद वर्ना हो जाएंगे बीमार !
जरुरी है प्रतिदिन पर्यात्प नींद वर्ना हो जाएंगे बीमार !

प्रभावित होती है नियंत्रण क्षमता :

अपर्याप्त नींद के कारण लोगों के सोचने, तनाव से निपटने, स्वास्थ्य प्रतिरक्षा तंत्र को ठीक रखने तथा भावनाओं पर नियंत्रण करने की क्षमता प्रभावित होती है. लोग जब नींद पूरी नहीं कर पाते हैं तो उनकी ध्यान केंद्रित करने की क्षमता प्रभावित होती है और उनमें स्मृति हास होता है.

नींद की स्वास्थ्य में भूमिका

१) योग विशेषज्ञ विशेष नींद में मस्तिष्क पुराणी यादों की एकत्रित करने लगता है. इस दौरान मस्तिष्क को नए अनुभव और ज्ञान अर्जित करने के लिए काम करने में मदद मिलती है, जिससे समझने की क्षमता बढ़ती है.

दिन-भर तरोताजा रहने और शरीर के सभी अंगों को सुचारु तौर पर संचालित करने के लिए कम से कम छह से आठ घंटे की नींद जरुरी है.

२) जो लड़कियां अपना वजन नियंत्रित रखना चाहती है, उन्हें भी इसके लिए पूरी नींद लेना जरुरी है. नींद भूख को प्रभावित करने और नियंत्रित करने वाले हार्मोन्स का भी नियमन करती है.

पर्याप्त नींद के अभाव में हार्मोन संतुलन बिगड़ जाता है और भूख बढ़ जाती है. लेकिन इस स्थिति में तला-भुना खाने की ज्यादा इच्छा होती है, जिससे वजन बढ़ता है.

३) अच्छी नींद रक्तचाप को भी नियंत्रित रखती है. शरीर का चक्र ऐसा होता है, जिसमें अगर आपको सही नींद न आए तो आपके सभी हार्मोन्स का स्तर बिगड़ जाता है. रक्तचाप में अंसतुलन आने की प्रवृत्ति होने पर पर्याप्त नींद बहुत जरुरी है.

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