चेहरे के एक्ने दूर करने हेतु कुछ अचूक उपाय

क्या है एक्ने ? :
त्वचा में जलन और पिंपल्स होने की स्थिति को एक्ने कहते हैं. टीनएजर्स व यंगस्टर्स की तो यह आम समस्या है. एक्ने आमतौर पर बॉडी के उन हिस्सों में ज्यादा होते हैं, जहां ऑयल ग्लैंड्स एक्टिव होते हैं. यही वजह है की चेहरे,पीठ,छाती,गर्दन और बांहों  के ऊपरी हिस्से में ये बहुत ज्यादा होते हैं. अगर इनका इलाज न करवाया जाए, तो ये बिगड़ भी सकते हैं और बाद में  दाग भी छोड़ जाते हैं. वैसे, एक्ने दो तरह के होते हैं-

१) नॉन- इंफ्लैमेट्री : इस सेक्शन में ब्लैक हेड्स,जिन्हें क्लोज्ड कॉमेडंस  कहते हैं, आते हैं.
२) इंफ्लैमेट्री : ये लाल दाने होते हैं, जिनमें पस भी हो सकती है. इन्हें जिट्स भी कहा जाता है.
क्या होते हैं ये ?

ऐसा कोई सिंगल फैक्टर नहीं है, जिस पर एक्ने की समस्या का पूरा दोष मढ़ दिया जाए. इसके कॉमन कारण हैं
१) बैक्टीरिया : त्वचा पर रहने वाले प्रॉप्यीनी  जैसे बैक्टीरिया इस समस्या का मूल कारण हैं.
२) हार्मोन: बॉडी में मेल सेक्स हार्मोन, एंड्रोजन  के बढ़ने से भी यह समस्या होती है. इस हार्मोन की   वजह से सीबेशियस ग्लैंड्स खुल जाते हैं और ज्यादा सीबम बनाते हैं. इसके एक्ने होते हैं. वैसे, प्रेगंसी और बर्थ कंट्रोल पिल्स लेने की शुरुआत व रोकने के दौरान होने वाले हार्मोनल चेंज की वजह से भी एक्ने होते हैं.
३) अनुवांशिक : एक्ने की समस्या अनुवांशिक कारणों से भी हो सकती है. अगर किसी के माता -पिता को अपने यौवन काल में यह समस्या रही है, तो उनके बच्चों में भी एक्ने होने की संभावना रहती है.
४) एज फैक्टर : आमतौर पर एक्ने १० से १३ साल की उम्र के बीच शुरू होते हैं  और फिर ५ से लेकर १० साल तक यह समस्या बरकरार रहती है. उम्र में २० का पड़ाव पार करने के बाद अमूमन यह समस्या ख़त्म हो जाती है.
५) द जेंडर फैक्टर: लड़कों और लड़कियों दोनों को ही एक्ने की समस्या का सामना  करना पड़ता है, उन्हें ज्यादा व लंबे समय  तक एक्ने रहते हैं. लड़कियों में एक्ने पीरियड्स के दौरान होने वाले हार्मोनल चेंज और कॉस्मेटिक  के यूज की वजह से होते हैं.

चेहरे के एक्ने दूर करने हेतु कुछ अचूक उपाय
चेहरे के एक्ने दूर करने हेतु कुछ अचूक उपाय

किनसे बढ़ते हैं एक्ने :
१) मॉइश्चराईजर व कॉस्मेटिक्स में मौजूद ऑयल एक्ने की समस्या को बढ़ाता है.
२) कॉम्पैक्ट  हेलमेट,बैकपैक्स,टाइट कॉलर्स,टाइट कपड़ों वगैरह से भी एक्ने की समस्या बढ़ती है.
३) पॉल्यूशन और मौसम में ज्यादा नमी भी एक्ने बढ़ाने वाले फैक्टर्स हैं.
४) पिंपल्स को दबाने से और त्वचा पर कड़े हाथों से स्क्रब करने से भी एक्ने बढ़ते हैं.
५) पीरियड शुरू होने से पहले होने वाले हार्मोनल बदलाव एक्ने बढ़ाते हैं.
६) तनाव व टेंशन से भी एक्ने की समस्या बढ़ती है.
कैसे करें बचाव :
१) त्वचा से तेल हटाने के लिए साबुन और पानी से दिन में दो बार चेहरा धोएं.
२) ज्यादा मेकअप न करें और ऑयल बेस्ड कॉस्मेटिक्स की बजाय वॉटर बेस्ड प्रोडक्ट्स यूज करें. वॉटर
३) प्रोडक्ट्स खरीदते समय नॉन – कॉमेडोजेनिक का लेबल चेक करें. इसका मतलब होता है की प्रोडक्ट के इस्तेमाल से एक्ने नहीं होंगे.
४) माना जाता है कि ऑयली खाना,चॉकलेट्स,पेस्ट्री वगैरह एक्ने बढ़ाते हैं, जबकि ऐसा नहीं है. हालांकि फ्रूट्स, ग्रीन वेजिटेबल, स्प्राउटस,वगैरह डाइट में शामिल करने से स्किन को हेल्दी ग्लो मिलता है.
५) जब घर की रेडिमेज से बात न बने, तो डर्मेटॉलॉजिस्ट को दिखाने में देर न करें.

एक्ने के अधिकतर केस रेग्यूलर  मेडिकेशन से सुलझा जाते हैं, लेकिन ये दवाइयां डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेनी चाहिए. बैक्टीरिया को ख़त्म करने में एंटीबायोटिक्स करने में जेल व लोशन भी फायदेमंद हैं. एक्ने का इलाज पूरा होने के बाद धब्बों को मिटाने का ट्रीटमेंट लिया जा सकता है. इसके लिए लगभग सभी डॉक्टर्स पीलिंग करवाने की सलाह देते हैं .

एक्ने के साइड इफेक्ट्स :
एक्ने फिजिकल अपियरेंस को तो ख़राब करते ही हैं, इनका साइकोलॉजिकल प्रभाव भी दिखता है. इनकी वजह से कई यंगस्टर्स डिप्रेशन में चले जाते हैं या अकेले रहना पसंद करते हैं.उन्हें लगता है की एक्ने उनका कॉम्प्लेक्शन ख़राब कर देंगे और आगे उन्हें लाइफ पार्टनर चुनने व जॉब मिलने में परेशानी आ सकती है. फैमिली मेंबर्स और फ्रेंड्स को उस व्यक्ति को भरोसा दिलवाना चाहिए कि एक्ने का इलाज है.

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